UP गेहूं खरीद ऑनलाइन किसान पंजीकरण 2021: eproc.up.gov.in, ई-क्रय प्रणाली

उत्तर प्रदेश किसान पंजीकरण । UP गेहूं खरीद ऑनलाइन किसान पंजीकरण | eproc.up.gov.in, ई-क्रय प्रणाली पोर्टल | गेहू खरीद किसान ऑनलाइन आवेदन

उत्तर प्रदेश UP गेहूं खरीद ऑनलाइन किसान पंजीकरण 2021सरकार राज्य के किसानो को गेहू  खरीद के लिए ऑनलाइन सुविधा प्रदान कर रहे है उत्तर प्रदेश के किसान  अपनी फसल को राज्य सरकार को बेचना चाहते हैं उनके लिए राज्य सरकार ने ऑनलाइन पोर्टल को लॉन्च किया है जिसका नाम है  खाद्य एवं रसद विभाग उत्तर प्रदेश ई-क्रय प्रणाली / ई-उपार्जन पोर्टल  ।इस ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से राज्य के किसान को अपना पंजीकरण करना होगा । पंजीकरण करने के बाद किसान अपनी रबी की फसल (गेहूं) को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सरकारी एजेंसियों को बेच सकते हैं। आज हम आपको UP गेहूं खरीद ऑनलाइन किसान पंजीकरण बतायेगे | इसकी पूरी जानकारी आपको हमारे इस लेख में मिल जाएगी ।

उत्तर प्रदेश  ई-क्रय प्रणाली 2021

उत्तरप्रदेश में राज्य सरकार अप्रैल से अपने राज्य के किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीदने का कार्य शुरू कर रही है। उत्तर प्रदेश में गेहूं की खरीद 15 मई तक की जाएगी । राज्य के जो किसान भाई अपनी फसल को बेचना चाहते है तो वह खाद्य एवं रसद विभाग की ई – क्रय प्रणाली की  ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर अपना पंजीकरण कर सकते है। रबी सीजन फसल 2020-21 गेहूं की खरीद के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अप्रैल से शुरू करेगी। 15 अप्रैल से आप इस पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते है  |

3,99,935 किसानों से की गई गेहूं खरीद

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना काल के चलते उत्तर प्रदेश में गेहूं खरीद की प्रक्रिया जारी है। अब तक 20.50 लाख मैट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। यह खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर लगभग 3,99,935 किसानों से की जा चुकी है। उत्तर प्रदेश में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा यह खरीद करने की जिम्मेदारी 11 एजेंसियों को सौंपी गई थी। इन 11 एजेंसियों में से 7 एजेंसियों ने क्रय केंद्र संचालित किए है। लगभग 3252 क्रय केंद्र उत्तर प्रदेश सहकारी संघ द्वारा संचालित किए गए हैं। जिनसे की करीब 9 लाख मैट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है। सरकार द्वारा अब तक उत्तर प्रदेश में 5612 क्रय केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं।

इसी के साथ राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद द्वारा 48 जिलों में 110 गेहूं खरीद केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। इन केंद्रों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य 1975 रुपए प्रति क्विंटल की दर निर्धारित की गई है। जिससे 46982 मैट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। इस योजना के अंतर्गत 8523 किसानों को 92.78 करोड़ रुपए का भुगतान भी गेहूं खरीद पर किया जा चुका है।

यूपी गेहूं खरीद अप्रैल 2021 से होगी आरंभ

29 जनवरी 2021 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा गेहूं खरीद शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। यह गेहूं खरीद 1 अप्रैल 2021 से आरंभ की जाएगी। गेहूं खरीद के अंतर्गत किसी भी क्रय केंद्र पर किसानों को किसी भी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। भंडारण गोदाम एवं क्रय केंद्रों में गेहूं की सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए जाएंगे। इस वर्ष गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में ₹50 की बढ़ोतरी की गई है। अब गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹1975 रुपए प्रति क्विंटल हो गया है। समय सारिणी एवं प्रस्तावित क्रय नीति के अधिकारियों के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा गेहूं खरीद 2021- 2022 के संबंध में एक मीटिंग की गई।

इस मीटिंग में मुख्यमंत्री द्वारा यह निर्देश दिए गए कि जल्द गन्ना किसानों जैसे गेहूं किसानों को भी ऑनलाइन पर्ची की सुविधा प्रदान की जाएगी।उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि वे सभी क्रय एजेंसी जिनका रिकॉर्ड ठीक नहीं है उन्हें काम नहीं दिया जाएगा। सभी क्रय केंद्रों एवं भंडारण गोदामों की जियो टैगिंग कराई जाएगी। जिससे कि किसानों को लाभ पहुंचेगा।

UP Gehu Kharid 2021 Highlights

योजना का नामUP गेहूं खरीद
इनके द्वारा शुरू की गयीउत्तर प्रदेश सरकार
विभागकृषि विभाग
लाभार्थीराज्य के किसान भाई
आवेदन प्रक्रियाऑनलाइन
ऑफिसियल वेबसाइटhttps://eproc.up.gov.in/Uparjan/Home_Reg.aspx

गेहूं खरीद में सुनिश्चित की जाएगी पारदर्शिता

प्रस्तावित क्रय नीति के संबंध में एक प्रस्तुतीकरण प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद विना कुमारी जी के द्वारा भी प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री द्वारा इस प्रस्तुतीकरण में विभिन्न प्रकार के सुझाव प्रस्तुत किए गए। उन्होंने कहा कि क्रय केंद्रों पर विभिन्न प्रकार के इंस्ट्रूमेंट जैसे की नमी मापक यंत्र, डबल जाली का छलना‍, इलेक्ट्रॉनिक कांटा आदि उपलब्ध कराया जाए।  यह सभी उपकरण 10 मार्च तक क्रय केंद्रों पर उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री जी के द्वारा यह भी निर्देश दिए गए कि इस वर्ष ई पॉप मशीनों के माध्यम से बायोमैट्रिक ऑथेंटिकेशन द्वारा गेहूं खरीदने की व्यवस्था की जाएगी। इस प्रणाली से पारदर्शिता बनेगी। इस वर्ष बटाईदारो से भी गेहूं की खरीद की जाएगी।

क्रय केंद्रों पर पथ प्रदर्शक चिन्ह

मुख्यमंत्री जी द्वारा क्रय केंद्रों पर पथ प्रदर्शक चिन्ह लगाए जाने के निर्देश दिए गए तथा ग्राम पंचायतों में क्रय केंद्रों की सूची वाली वॉल पेंटिंग कराई जानी भी महत्वपूर्ण बताई गई है। इससे किसानों को सुविधा होगी। मुख्यमंत्री द्वारा अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि गेहूं खरीदी की पूरी प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। किसी भी किसान को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना ना करना पड़े। किसानों को गेहूं का समय से भुगतान किया जाएगा। अधिकारियों द्वारा इस पूरी प्रक्रिया को सरल तरीके से आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अप्रैल-मई के समय क्रय केंद्रों पर छाजन पेयजल बैठाने की व्यवस्था होनी भी अनिवार्य है।

उत्तर प्रदेश गेहूँ खरीद किसान योजना का उद्देश्य

पूरे देश में लॉक डाउन कि वजह से किसान अपनी फसल को बेच नहीं पा रहे है । जैसे उन्हें भरी नुकसान उठाना पड़ सकता है ।इस समस्या को देखते हुए राज्य सरकार ने ऑनलाइन पोर्टल को लॉन्च किया है उत्तर प्रदेश के किसान अपनी गेहू की फसल बेचने के लिए इस ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते है  । इससे किसान की फसल समय से बिक जाएगी और किसानो को समय से पैसे मिल जायेगे इससे किसान अपना जीवन यापन आसानी से कर सकते है । फसल बिक जाने के बाद बिक्री की धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक अकॉउंट में पंहुचा दी जाएगी ।

ई-क्रय प्रणाली की विशेषताएं

  • मंडियों में अपनी उपज को ले जाने से पहले सभी इच्छुक किसानों को यूपी ई-उपार्जन पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा कर टोकन प्राप्त करना होगा जिससे की जब उसकी बारी आए तभी वह मंडी में जाये।
  • उत्तर प्रदेश सरकार ने साल 2020-21 के लिए प्रदेशभर में गेहूं की खरीद के लिए 5500 खरीद केंद्र बनाए हैं। इस साल 55 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद का टारगेट रखा गया है और गेहूं की खरीद 1925 रुपये / क्विंटल के न्यूनतम समर्थन (MSP) मूल्य पर रखी है।
  • राज्य के सकिसानो को पंजीकरण के बाद टोकन ले ले और फिर  केवल उसी दिन मंडी आए जिस दिन का उनके पास टोकन है।
  • इस योजना का लाभ उत्तर प्रदेश के उन किसानो को प्रदान किया जायेगा जो अपनी गेहू की फसल को बेचना चाहते है ।

UP गेहूं खरीद ऑनलाइन किसान पंजीकरण 2021 के दस्तावेज़

  • किसानों को अपनी जमीन से संबंधित जानकारी के लिए खसरा – खतौनी, खसरा संख्या और जमीन का रकबा एवं गेहूँ का रकबा आदि देना आवश्यक है ।
  • आधार कार्ड
  • अपने  खेत का राजस्व अभिलेख से संबंधित जानकारी देनी होगी ।
  • बैंक अकाउंट पासबुक
  • मोबाइल नंबर
  • पासपोर्ट साइज फोटो

UP गेहूं खरीद किसान पंजीकरण 2021 की जरुरी बाते

  • रजिस्ट्रेशन में गेहूं के खेत का विवरण देना जरूरी है।
  • खेत के विवरण में खतौनी/खसरा संख्या, गेहूं का रकबा भरना आवश्यक  है।
  • आधार कार्ड, बैंक पास बुक व राजस्व अभिलेखों का सही विवरण दर्ज करना होगा ।
  • रजिस्ट्रेशन होने के बाद रजिस्ट्रेशन नंबर और उसका प्रिंट जरूर ले लें।
  • मोबाइल नंबर देकर रजिस्ट्रेशन ड्राफ्ट फिर से प्रिंट किया जा सकता है।
  • मोबाइल नंबर देकर रजिस्ट्रेशन में संशोधन किया जा सकता है।
  • जब तक आवेदन लॉक नहीं किया जाता है, रजिस्ट्रेशन स्वीकार नहीं किया जायेगा।
  • मोबाइल नंबर पर रजिस्ट्रेशन की पूरी जानकारी भेजी जाएगी।
  • 100 क्विंटल से अधिक गेहूं की बिक्री के लिए एसडीएम से सत्यापन कराया जायेगा।
  • गेहूं बेचने के बाद केन्द्र प्रभारी से पावती पत्र अवश्य प्राप्त कर ले।

यूपी गेहूं खरीद किसान पंजीकरण 2021 पंजीकरण में ध्यान रखने वाले कुछ महत्वपूर्ण तथ्य

  • करें सभी स्टेप का पालन: यूपी गेहूं खरीद ऑनलाइन किसान पोर्टल पर पंजीकरण करवाने के लिए पोर्टल पर उपलब्ध स्टेप 1 से लेकर स्टेप 6 तक का पालन करना अनिवार्य है।
  • पंजीकरण प्रारूप इस स्टेप में है उपलब्ध: स्टेप 1 में पंजीकरण प्रारूप उपलब्ध है।
  • करें पंजीकरण प्रारूप डाउनलोड: इस पंजीकरण प्रारूप को डाउनलोड करके आपको प्रिंट करना होगा। जिसके पश्चात आपको इसमें सभी जानकारी दर्ज करनी होगी।
  • प्रदान करें सभी भूमियों का विवरण: पंजीकरण करवाने के लिए फसल के लिए उपयोग की जाने वाली सभी भूमियों का विवरण से संबंधित जानकारी दर्ज करना अनिवार्य है।
  • दर्ज करें सभी राजसव विवरण: इसके अलावा खतौनी, खाता संख्या, प्लॉट/खसरा संख्या, भूमि का रकबा, फसल का रकबा भरना भी अनिवार्य है।
  • प्रारूप में दर्ज करें यह जानकारी भी: इस प्रारूप में आपको आधार कार्ड, बैंक पासबुक, एवं राजस्व अभिलेखों का विवरण भी दर्ज करना होगा।
  • दर्ज करें ऑनलाइन आवेदन: स्टेप 1 सफलतापूर्वक होने के बाद स्टेप 2 के माध्यम से आप ऑनलाइन आवेदन दर्ज कर सकते हैं।
  • नोट करें पंजीकरण संख्या: ऑनलाइन आवेदन करने के बाद आपको पंजीकरण संख्या अपने पास नोट करनी होगी।
  • प्रिंट करें ड्राफ्ट आवेदन पत्र: इसके पश्चात आपको स्टेप 3 के पंजीकरण ड्राफ्ट से ड्राफ्ट आवेदन पत्र प्रिंट करना होगा।
  • स्टेप 4 में करें संशोधन: यदि आपको किसी भी प्रकार की संशोधन की आवश्यकता है तो आप स्टेप 4 में यह संशोधन कर सकते हैं।
  • करें पंजीकरण लॉक: सभी सही जानकारी दर्ज करने के बाद आप स्टेप 5 में पंजीकरण लॉक कर सकते हैं। पंजीकरण लॉक करने के बाद आपके आवेदन पत्र में कोई भी संशोधन नहीं किया जा सकता।
  • करें पंजीकरण फाइनल प्रिंट: स्टेप 6 के माध्यम से आप पंजीकरण फाइनल प्रिंट कर सकते हैं। जब तक किसान द्वारा पंजीकरण लॉक नहीं किया जाएगा तब तक किसान का पंजीकरण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
  • प्राप्त करें केंद्र प्रभारी से पावती पत्र: गेहूं को बेचने के बाद आपको केंद्र प्रभारी से पावती पत्र प्राप्त करना आवश्यक है।
  • जानकारी दर्ज करते समय रखें ध्यान: किसान द्वारा सभी प्रकार की जानकारी दर्ज करते समय विशेष सावधानी रखने की आवश्यकता है। कोई भी जानकारी आपके द्वारा गलत दर्ज नहीं की जानी चाहिए।
  • इस स्थिति में ना कराएं दोबारा पंजीकरण: वह सभी किसान जो खरीफ वर्ष 2019–20 में धान खरीद के लिए पंजीकरण करा चुके हैं उन्हें गेहूं विक्रेता के लिए दोबारा से पंजीकरण करवाने की आवश्यकता नहीं है। वह संशोधन करके या बिना संशोधन करें दोबारा से आवेदन प्रपत्र को लॉक कर सकते हैं।
  • गेहूं विक्रय के समय लाने के लिए यह महत्वपूर्ण दस्तावेज: गेहूं को बेचते समय किसान को अपना पंजीकरण प्रपत्र लाना आवश्यक है। इसके साथ किसान को कंप्यूटराइज खतौनी, फोटो युक्त पहचान पत्र, बैंक के पासबुक के प्रथम पेज की प्रति तथा आधार कार्ड लाना भी आवश्यक है

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